Numbers Memorizing Course
Numbers Memorizing Course एक अत्यंत आसान और बहुपयोगी मेमोरी कोर्स है | MTRDP के इसी कोर्स से Numbers Memorizing Technique सीख कर शाश्वत दुबे, आकांक्षा सिंह और तिलकराम के द्वारा नेशनल मेमोरी रिकोर्ड बनाये गए| यह सभी नेशनल मेमोरी रिकार्ड वर्ष 2006 में बनाये गए थे जिस समय ऑनलाइन एजुकेशन शुरू नहीं हुयी थी |
1. शाश्वत दुबे, आयु 16 वर्ष, 99 तक की संख्याओं का वर्गमूल (दशमलव के चार अंकों तक) याद करने वाले देश के प्रथम स्टूडेंट बने |
2. आकांक्षा सिंह (क्लास 7th) आवर्त सारिणी (एलिमेंट्स और उनके एटोमिक नंबर) याद करने वाली देश की सबे कम आयु की स्टूडेंट्स |
3. तिलकराम ने 99 तक की संख्याओं का घनमूल (दशमलव के पांच स्थान तक) याद कर के अविश्वसनीय रिकॉर्ड बनाया |
इस कोर्स में Numbers Memorizing Technique सिखाई जाती है | इस टेकनीक का प्रयोग करके किसी भी संख्या को एक या अधिक चित्रों (शब्दों) में बदल दिया जाता है और Association के सिद्धांत पर इन सभी चित्रों को जोड़ दिया जाता है| Numbers Memorizing Technique के अंतर्गत संख्याओं को चित्रों में एवं चित्रों को संख्याओं में बदलना संभव हो जाता है और संख्याओं से सम्बंधित कोई भी डाटा याद किया और लम्बे समय तक याद रखा जा सकता है | एक सामान्य स्टूडेंट के लिए इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं की तिथियाँ , विभिन्न Acts आदि के सेक्शन / सब सेक्शन आदि को आसानी से याद करना और लम्बे समय तक याद रखना केवल मेमोरी टेकनीक से ही संभव है|
संख्याओं को चित्रों (शब्दों) में बदलने के लिये मेमोरी कोड्स (बेसिक मेमोरी कोड्स, प्राइमरी मेमोरी कोड्स एवं सेकेंडरी मेमोरी कोड्स) का प्रयोग किया जाता है | यह कोडिंग सीखना बहुत ही आसान होता है |
आइये बेसिक मेमोरी कोड्स सीखते हैं -
Gold का एटोमिक नंबर क्या है ? यह याद रखना कितना आसान है ! गोल्ड को हिंदी में क्या कहते हैं ?
सोना !
इसे नंबर में बदलें | अक्षरों का प्रयोग करें एवं मात्राओं की उपेक्षा करें|
स से 7, न से 9 अर्थात 79
अब गोल्ड का एटोमिक नंबर सोना (79) आपको सदैव के लिए याद हो चुका है |
